Two Trains at a Railway Station

केवड़िया रेलवे स्टेशन के उद्घाटन से स्टैचू ऑफ यूनिटी जाना और भी आसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी 2021 को स्टैचू ऑफ यूनिटी से 5 किमी0 दूर स्थित गुजरात के केवड़िया रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। उन्होंने 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ उनके-उनके राज्यों से चलने वाली 8 ट्रेनों को भी केवड़िया रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। 

ऐसा रेलवे के इतिहास में पहली बार हुआ कि किसी एक ही रेलवे स्टेशन को जोड़ने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 8 ट्रेनों को एक साथ रवाना किया गया। जिन 8 ट्रेनों को शुरू किया गया है वह दादर-केवड़िया, वाराणसी जंक्शन-केवड़िया, रीवा-केवड़िया, हज़रत निजामुद्दीन जंक्शन-केवड़िया, चेन्नई-केवड़िया, अहमदाबाद-केवड़िया, प्रताप नगर-केवड़िया और केवड़िया-प्रतापनगर हैं।  

अपने उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरी महत्वपूर्ण बात बताई कि केवड़िया रेलवे स्टेशन देश का पहला ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेट प्राप्त रेलवे स्टेशन है। 

नर्मदा नदी के सामने केवड़िया गांव से 7 किमी0 दूर स्थित यह रेलवे स्टेशन तीन मंजिलों में बना है। पहली दो मंजिलें यात्रियों की सुविधा के लिए जबकि तीसरी मंजिल एक ट्राइबल आर्ट गैलरी है। इसे देखते हुए सैलानी स्टैचू ऑफ यूनिटी की भी झलक यहाँ से पा सकते हैं।  

वेस्टर्न रेलवेज द्वारा संचालित बड़ोदरा डिवीजन में स्थित तीन मंजिला केवड़िया रेलवे स्टेशन को तीन प्लेटफॉर्म और चार ट्रैक के साथ ब्रॉड गेज में परिवर्तित करके बनाने मे करीब 200 मिलियन रुपए का खर्च आया। 

इस स्टेशन के बन जाने के कारण ऐसा माना जा रहा है कि देश विदेश से आने वाले सैलानियों की संख्या प्रतिदिन एक लाख तक पहुंच सकती है। हालांकि कोरोना काल में भी लोगों की काफी आवाजाही बनी हुई थी। यहाँ तक की इसे देखने वाले लोगों की संख्या स्टैचू ऑफ लिबर्टी को देखने वाले लोगों की संख्या 50 लाख को भी पार कर गया।  

इसमें कोई शक नहीं कि स्टैचू ऑफ यूनिटी को देश-विदेश से जोड़ने में केवड़िया रेलवे स्टेशन अब और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस कारण यहाँ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सैलानियों की काफी संख्या में बढ़ने की संभावना है। इससे यहाँ के स्थानीय आदिवासी लोगों और क्षेत्रों के भी विकास में काफी तेजी आएगी। स्टैचू ऑफ यूनिटी के बनने के बाद से ही यहाँ के युवाओं ने गाइड के रूप में और होटल, रेस्टोरेंट आदि क्षेत्रों में रोज़गार लेना भी शुरू कर दिया है जो एक अच्छा संकेत है। 

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