2022-Travel-Plan

2022 की मेरी बकेट लिस्ट

घूमने वाले लोगों को जब भी मौका मिलता है, कहीं ना कहीं निकल ही जाते हैं। कुछ लोग तो घूमने के इतने शौकीन होते हैं कि बस चर्चा हुई, कुछ कपड़े रखे और निकल पड़े। इसके लिए उन्हें कोई प्लान बनाने की जरूरत नहीं पड़ती।

एक अच्छी योजना बनाकर घूमना हमेशा अच्छा होता है। इसलिए बेहतर यही है कि हम पहले से उन जगहों पर घूमे हुए लोगों का अनुभव जानकर या इंटरनेट सर्च करके उन जगहों के बारे में और अच्छे से जान कर, अपने घूमने का पूरा आनंद ले कर उसे यादगार बना सकते हैं। क्योंकि इस तरह हम बहुत सी अनजानी-अनचाही परेशानियों से खुद को बचा सकते हैं।

इसलिए ये और भी अच्छा होगा यदि हम नए साल वर्ष 2022 के अवसर पर पहले से ही अपने घूमने की प्राथमिकताओं को तय कर लें।

चलिए आज मैं भी अपनी वर्ष 2022 की घूमने वाली जगहों के बारे में बताना चाहूंगा ताकि आप को भी अपनी प्राथमिकताएं तय करने में आसानी हो और घूमने के लिए प्रेरित हो सकें। 

1. काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी । Kashi Vishwanath Mandir, Varanasi

मेरी माता जी का एक बहुत पुराना मनौती पूरे परिवार के साथ बाबा काशी नाथ के दर्शन की है जिसे पूरा करने का कई बार मैंने प्रयास किया परंतु वह अभी भी अधूरी है। इसलिए सबसे पहले मैं बाबा काशीनाथ का आशीर्वाद लेना चाहूंगा। वैसे भी प्रधानमंत्री मोदी जी के विशेष प्रयास से काशी का कायाकल्प हो रहा है जिसे मैं  निश्चित रूप से देखना चाहूंगा। 

राजमार्गों और पुराने मंदिरों के पुनरुद्धार और साथ ही कई सारी नई परियोजनाओं निर्माण से वाराणसी का कायाकल्प हो रहा है। बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर के बनने की चर्चा आजकल बहुत हो रही है क्योंकि इसे बनाने के क्रम में बहुत से पुराने मंदिरों का एक-एक करके सामने आना सबको आश्चर्यचकित कर रहा है। 

वहां संकट मोचन मंदिर जाकर हनुमान जी के दर्शन की भी इच्छा है। हनुमान जी को चलाए जाने वाले पेड़ों का स्वाद कभी भूलता ही नहीं है। महा मनाई जाने वाली टीम दीपावली में शामिल होकर मैं उसकी दिव्यता और भव्यता का अनुभव करना चाह रहा हूं।

2. श्री मैहर धाम, सतना (मप्र) । Shri Maihar Dham, Satna (MP)

मेरे चचेरे भाई का पूरा परिवार से मैहर धाम की मां शारदा भवानी के बहुत बड़े भक्त हैं। वो हमेशा मुझे मां का आशीर्वाद लेने के लिए बोलता रहता है। शायद मां की कृपा नहीं हो पाई इसीलिए मैं अभी तक वहां नहीं जा पाया। लेकिन इस साल मुझे निश्चित रूप से वहां जाकर मां का आशीर्वाद लेना है।

3. चित्रकूट धाम, (उप्र) । Chitrakoot Dham (UP)

मैहर से 116 किलोमीटर दूर स्थित चित्रकूट एक शांत कम आपाधापी वाली घूमने की जगह है जहां भगवान श्री राम माता जानकी और लक्ष्मण सहित अपने बनवास के 11 वर्ष वहां बिताए थे।

कामदगिरि, जानकी कुंड, गुप्त गोदावरी और हनुमान धारा भी वहां निश्चित रूप से देखना चाहूंगा।

4. मगहर, खलीलाबाद (उप्र) । Maghar, Khalilabad (UP) 

हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों को चुनौती देने वाले कबीर में अपनी अंतिम सांस गोरखपुर से …किलोमीटर दूर लखनऊ की ओर जाने वाली … राजमार्ग पर स्थित मगहर में ली। उस समय के हिंदू समाज की मान्यता के अनुसार नगर में अपना सही प्यार करने वाला व्यक्ति नरक में जाता है। इस मिथक को तोड़ने के लिए उन्होंने अपना अंतिम समय वाराणसी से यहां आकर बिताई। 

लेकिन विडंबना देखिए कि जैसे रूढ़िवादी समाज के धर्म के ठेकेदारों को उन्होंने हमेशा चुनौती दी उन्होंने ही कबीर के कब्जा जमा कर एक मंदिर और दरगाह बना दिया। मैं कबीर की उसी भावना को वहां जाकर आत्मसात करना चाहूंगा।

5. श्री राम जन्मभूमि, अयोध्या (उप्र) । Shri Ram Janmabhoomi, Ayodhya (UP)

इसमें कहीं कोई दो राय नहीं कि बचपन से हर हिंदू के हृदय में भगवान श्रीराम का चरित्र की गहराई से अंकित है। करीब 495 वर्षों के संघर्ष के बाद माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश से श्री राम जन्म भूमि मंदिर-बाबरी मस्जिद संघर्ष के सर्वमान्य हल निकलने के बाद अब भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो गया है।

इसी के साथ देश-विदेश से श्रद्धालु और भक्तों का यहां आना-जाना और भी बढ़ गया है। बहुत पहले से मेरा कई बार फैजाबाद आना जाना लगा रहा वहां के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर का भी दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ परंतु उस समय टेंट में विराजमान श्री राम लला के दर्शन करने की कभी इच्छा नहीं हुई।

लेकिन अब वहां जाकर श्री रामलला विराजमान के दर्शन करने, पत्थरों-सिलाओं की कढ़ाई-गढ़ाई देखने और मंदिर के निर्माण का साक्षी बनने की प्रबल इच्छा है।

6. मथुरा-वृंदावन (उप्र) । Mathura-Vrindavan (UP) 

दिल्ली के मेरे बहुत सारे दोस्त हर साल मथुरा, वृंदावन तथा गोवर्धन जी की परिक्रमा करने जाते रहते हैं। मेरा भी कई बार मन हुआ उनके साथ जाकर गोवर्धन परिक्रमा करने की। 

जन्माष्टमी की मनमोहक झांकियां, बरसाने की लट्ठमार होली और फूलों की होली देश विदेश में प्रसिद्ध है। 

राधा प्यारी कृष्ण बिहारी के परम आनंदित करने वाले रूप का दर्शन करना चाहूंगा जिसने देश-विदेश के करोड़ों भक्तों को भक्ति भाव में सराबोर कर रखा है।

7. हरिद्वार (उत्तराखंड) । Haridwar (Uttarakhand)

माताजी की बहुत पुरानी इच्छा हरिद्वार जाकर भजन कीर्तन करने और गंगा आरती देखने की है। उन्हें इस बात की कसक है की वो अभी तक वहां नहीं जा पायीं।

उनकी यह इच्छा जरूर पूरी करना चाहूंगा।

8. ऋषिकेश (उत्तराखंड) । Rishikesh (Uttarakhand)

ऋषिकेश देश विदेश में योग की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है। लेकिन योग के अलावा यहां वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर के लिए भी लोग आते रहते हैं। 

खासकर Delhi NCR के IT, Call Center और MNCs के युवा कर्मचारी यहां कैंप Camping, White Water Rafting, Bonfire जैसी एक्टिविटीज के लिए यहां हमेशा आते रहते हैं।

कुछ दिन वहां योग के द्वारा खुद को जानने-समझने, मन-मस्तिष्क-भाव को शुद्ध करने और शांति के कुछ पल बिताने वहां जरूर जाना चाहूंगा।

9. जिम कार्बेट नेशनल पार्क (उत्तराखंड) । Jim Corbett National Park (Uttarakhand)

जंगल और वन्यजीवों के बीच जाकर प्रकृति के साथ खुद को जोड़ना, उसकी जैव विविधता और जैव समृद्धि का एक हिस्सा महसूस करना, अपने आप को अपने मूल से जोड़ने जैसा है। 

इसलिए राष्ट्रीय पार्क और अभयारण्य के बीच जाकर हम अपने आप को हील कर पाते हैं, रिफ्रेश और तरोताजा महसूस कर पाते हैं। जंगलों में ट्रैकिंग करके या जंगल सफारी द्वारा शेर, बाघ आदि जंगली जानवरों को देखकर हम रोमांच से भर जाते हैं।

ऐसी जगहों पर जाने से हमारी adrenaline hormone बढ़ती रहती है जिससे हम अपने शरीर की पूरी क्षमता का उपयोग कर पाते हैं। इस वजह से हम अपने दैनिक जीवन की नई-नई चुनौतियों का सामना करने के लिए, नए-नए जोखिम उठाने के लिए मानसिक रूप से तैयार होते रहते हैं।

बच्चों को तो जानवरों और पशु पक्षियों का नाम सुनकर ही रोमांच का अनुभव होने लगता है। 

इसलिए ऐसी जगह ले जाकर उन्हें नए-नए अनुभव कराना और प्रकृति के साथ उनका जुड़ाव बनाए रखना हमारी एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।

10. ताजमहल, आगरा (उप्र) । Taj Mahal, Agra (UP)

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पहली बार ताजमहल देखने के बाद ये कहा था कि दुनिया में बस दो ही तरह के लोग हैं एक जिन्होंने ताजमहल देखा है और दूसरादूसरा जिन्होंने नहीं देखा।

मैं भी उन लोगों में से हूं जिन्होंने आज तक ताजमहल नहीं देखा। 

इसलिए मैं निश्चित रूप से मौका निकाल कर जल्दी से जल्दी इसे देखना चाहूंगा। (वैसे ताजमहल के बारे में लगभग सबको पता है इसलिए इसके बारे में कुछ और बताने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं।)

 11. पुष्कर मेला, अजमेर (राजस्थान) । Pushkar Fair, Ajmer (Rajasthan)

मुझे सबसे ज्यादा कसक इस बात की है कि कई बार चाह कर भी मैं अब तक कभी पुष्कर मेला नहीं घूम पाया। जहां देश विदेश से लाखों सैलानी भारतीय संस्कृति और विरासत देखने-समझने आते हैं।

वहां ऊंट, घोड़ों आदि की दौड़ के साथ ही बहुत सारे अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है। 

देसी-विदेशी पर्यटक वहां के गीत, संगीत, नृत्य में हिस्सा लेकर मस्ती करने का कोई मौका नहीं चूकते। वहां का कालबेलिया नृत्य विदेशियों में बहुत ही ज्यादा मशहूर है।

12. गोवा । Goa

कॉलेज के दिनों के समय से ही दोस्तों के साथ गोवा जाने का प्लान अब तक पूरा नहीं हो पाया है।

कभी पढ़ाई, कभी कैरियर, कभी नौकरी तो कभी परिवार, कभी समय, कभी जरूरी खर्चों के लिए पैसों जैसी न जाने कितनी विडंबनायें।

निश्चित रूप से सभी दोस्तों को इस साल गोवा में एक साथ मस्ती करने के लिए इकट्ठा करने की कोशिश करूंगा।

13. पोखरा, नेपाल । Pokhara, Nepal

पूर्वांचल से बहुत सारे लोग पोखरा घूमने जाते रहते हैं। पोखरा से एक नेपाली दोस्त बन जाने के कारण अब मेरा भी मन वहां घूमने का बन गया है। 

इसलिए भी कि कॉलेज के दिनों में मैं पोखरा टूर पर नहीं जा पाया था।

मेरी बकेट लिस्ट बहुत लंबी है। लेकिन घूमने वाली जगहों मैसेज अपनी प्राथमिकताओं को ही आपसे साझा की है।

मुझे उम्मीद है आपने भी अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ घूमने के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली होंगी। 

अगर नहीं, तो कहीं आसपास का भी प्लान कर सकते हैं।

वैसे भी कोरोना पेंडेमिक नियंत्रण में होने के कारण लोग बाहर निकलने का मौका ढूंढ रहे हैं। और अगर आप घुमक्कड़ हैं तो कोई भी मौका चूकना चाहेंगे ? 

नहीं ना ?

तो यारा…अपनी बकेट लिस्ट जरूर बनाना !

मिलते हैं दोबारा!